how to earn through social Media
- Blogger, SMO

सोशल मीडिया से पैसा कैसे कमाए(how to earn Money through social Media)

282 Views

आज के जमाने में सोशल मीडिया हर कोई इस्तेमाल करता है. हालांकि, अधिकतर लोग सोशल मीडिया को सिर्फ अपने पर्सनल कामों के लिए ही इस्तेमाल करते हैं. वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां अगर कोई थोड़ी सी मेहनत करें तो इसे अपनी कमाई का जरिया भी बना सकता है. तो चलिए आज जानते हैं सोशल मीडिया प्रोफाइल से पैसा कमाने का तरीका.

how to earn through social Media
how to earn through social Media

सोशल मीडिया प्रेसेंस है जरूरी

आपने ब्लॉगिंग से पैसा कमाने के बारे में काफी कुछ सुना होगा, मगर सच ये है कि उसके अलावा भी कई और तरीके हैं पैसा कमाने के. इसमें आपका फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम आदि जैसे कई प्लेटफार्म आते हैं.

इसलिए अगर आपको इन प्लेटफार्म से पैसा कमाना है तो पहले अपनी सोशल मीडिया प्रेसेंस बढ़ाइए. सोशल मीडिया प्रेसेंस बढ़ाने का सबसे बढ़िया तरीका है कि आप किसी एक टॉपिक को लेकर उसपर ही अपना सारा फोकस रखें.

उदहारण के लिए अगर आप टेक्नोलॉजी पर लिखते हैं तो आपके सोशल मीडिया पर अधिकाँश जानकारी उससे ही जुड़ी होनी चाहिए. इससे आप किसी एक चीज़ के स्पेशलिस्ट भी बनते हैं और साथ ही आपको लंबी टिकने वाली ऑडियंस मिलती है.

कैसे पैसा कमाता है वाट्सऐप (How to Money Earns WhatsApp)

इसलिए कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल करने से पहले ही यह सोच लें कि आप किस चीज़ को उसपर प्रमोट करेंगे. थोड़े वक़्त इसपर काम करने के बाद अपने आप ही आपकी ऑडियंस बढ़ती जाएगी.

सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर बनने पर दें ध्यान

Must Read :-   how to change mobile number in Aadhar card online

सोशल मीडिया प्रेसेंस के बाद जरूरत है ज्यादा से ज्यादा ऑडियंस बनाने का. सोशल मीडिया पर सारा खेल ऑडियंस का ही है. अगर आपके पास अपने सोशल मीडिया हैंडल पर काफी बड़ी संख्या में ऑडियंस है और वो ऑडियंस आपकी कही बातें मानती हैं, तो आपको खुद को एक सोशल इन्फ्लूएंसर मान सकते हैं.

सोशल इन्फ्लूएंसर सोशल मीडिया का एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसकी कही बात पर लोग अमल करते हैं. यूट्यूब पर कई ऐसे वीडियो ब्लॉगर हैं जो टेक्नीकल गैजेट्स की रिव्यु वीडियो बनाते हैं. उन यूट्यूबर्स की कही बातें सुनकर ही कई लोग उस गैजेट को खरीदने का फैसला करते हैं.

ठीक इसी तरह ऑडियंस बनाने के बाद आपको भी एक सोशल इन्फ्लूएंसर बनकर लोगों को कुछ खरीदने या न खरीदने की हिदायत देनी है.

ब्रांड से करें संपर्क

सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर बनने का सबसे बड़ा फायदा है कि आप ब्रांड के साथ काम करने लायक हो जाते हैं. बड़े ब्रांड पैसा खर्च करके महंगे विज्ञापन बना लेते हैं. उन्हें सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर की जरूरत कोई खास नहीं पड़ती. अगर उन्हें किसी इन्फ्लूएंसर की जरूरत पड़ती भी है तो वो इसके लिए बड़े सेलेब्रिटीज़ को चुनते हैं.

वहीं छोटे ब्रांड्स अधिकतर ऐसे लोगों को ढूंढते हैं जिनके पास ओरिजिनल ऑडियंस हो. ऐसे में या तो खुद ब्रांड आपके पास आएगा या आप भी खुद ब्रांड को एप्रोच कर सकते हैं.

Top 20 Free Blog Commenting Sites List 2018

अब बात आती है पैसे की. यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर ब्रांड से आपको कितना पैसा मिलेगा. आपकी ऑडियंस की संख्या ये निर्धारित करती है कि आखिर आपको कोई ब्रांड कितना पैसा देगा.

Must Read :-   आपकी छोटी सी गलती से फट सकता है आपका फोन(Your phone may explode with your small mistake)

ब्रांड सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को केटेगरी में बांट देते हैं. सबसे पहली केटेगरी वाले इन्फ्लूएंसर को सबसे ज्यादा पैसा मिलता है. 7 लाख से ज्यादा की ऑडियंस वाले इन्फ्लूएंसर को टियर 1 में रखा जाता है.

टियर 1 इन्फ्लूएंसर को हर पोस्ट के लिए 20,000 से 40,000 रूपए तक मिल सकते हैं. इसके अलावा ब्रांड कितना बड़ा है और आपकी ऑडियंस कितनी बड़ी है ये भी आपके दाम पर असर डालता है.

टियर 2 में आते हैं वो इन्फ्लूएंसर जिनकी ऑडियंस की संख्या टियर 1 इन्फ्लूएंसर से आधी हो. इनको अक्सर वो ब्रांड एप्रोच करते हैं जो किसी निर्धारित जगह पर अपनी ब्रांडिंग चाहते हों. उदहारण के तौर पर अगर आपके पास कोई फेसबुक पेज है जिसपर सारी ऑडियंस बिहार की है.

ऐसे में आप अपने पेज पर किसी ऐसे ब्रांड की पोस्ट डालते हैं जो बिहार के लोगों को पसंद आए तो उसके चलने के ज्यादा चांस होते हैं. टियर 2 इन्फ्लूएंसर के पास अक्सर लोकल एरिया ब्रांड ही आते हैं. हालांकि, इसके बाद भी उन्हें हर पोस्ट के लिए 5,000-10,000 तक मिल सकते हैं.

आखिर में आते हैं टियर 3 इन्फ्लूएंसर जिनकी ऑडियंस 1 लाख से कम होती है. इन इन्फ्लूएंसर के पास अक्सर वो ब्रांड आते हैं जो मार्किट में बिलकुल ही नए होते हैं. इन नए ब्रांड्स को अपनी ब्रांड अवेयरनेस के लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने होते हैं. इसलिए वो छोटे इन्फ्लूएंसर को ढूँढ़ते हैं ताकि शुरुआती समय के लिए उनके सहारे ही अपनी ब्रांडिंग करवा सके. टियर 3 के इन्फ्लूएंसर को भी हर पोस्ट के लिए 1,000 से 3,000 रूपए तक मिल जाते हैं.

Must Read :-   Google Panda Algorithm क्या होता है (What is google panda algorithm)

बातें ध्यान में रखने वालीं

सोशल मीडिया आज एक नेटवर्किंग नहीं बल्कि बिज़नेस प्लेटफ़ॉर्म भी बन चुका है. इसलिए हर कोई इससे पैसा कम सकता है. हालांकि, एक बात जरूर ध्यान में रखें कि ये एक या दो दिन का काम नहीं है. आपको शुरुआत में इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़गी. एक बार आपने सोशल मीडिया पर खुद की पहचान बना ली तो उसके बाद चीजें आसान होने लगेंगी. यह काम नामुमकिन नहीं है, हाँ मगर ये इतना आसन भी नहीं है.

loading...

About ds4tech

मै कनक भारद्वाज www.ds4tech.com ब्लॉग का एडिटर हु | ds4tech एक हिंदी टेक ब्लॉग है जिस पर टेक्निकल से रिलेटेड इनफार्मेशन शेयर करते है की दुसरे ब्लॉगर हो सहायता मिल सके
Read All Posts By ds4tech

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *